पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने और कई छात्रों को हिरासत में लेने की घटना ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सांसद मलविंदर कंग ने कड़ी निंदा करते हुए हिरासत में लिए गए छात्रों की तुरंत रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा, “हम इन बहादुर युवा आवाज़ों के साथ मजबूती से खड़े हैं, उनका दर्द हमारा दर्द है।”
MP मलविंदर कंग ने कहा कि ये युवा सिख अपने पवित्र इतिहास, गुरु तेग बहादुर जी और पंज प्यारे से जुड़े तथ्यों के कथित विकृतिकरण के खिलाफ लोकतांत्रिक अधिकार के तहत विरोध कर रहे थे, लेकिन उनसे बातचीत करने की बजाय उन पर लाठियां बरसाई गईं। अपनी आवाज़ उठाने के लिए उन्हें अपराधी बना दिया गया।
उन्होंने कहा कि पंजाब महान सिख विद्वानों और इतिहासकारों की धरती है, जो हमारे इतिहास पर ईमानदारी और प्रमाणिकता के साथ बोलने की क्षमता रखते हैं। बाहरी लोगों को ऐसे विचार थोपने के लिए बुलाने का कोई औचित्य नहीं है, जो हमारी विरासत को गलत तरीके से पेश करते हैं और युवाओं को गुमराह करते हैं।
उन्होंने मांग की कि सभी केस तुरंत वापस लिए जाएं और हिरासत में लिए गए छात्रों को बिना देरी के रिहा किया जाए। उन्होंने दोहराया कि “हम इन बहादुर युवा आवाज़ों के साथ मजबूती से खड़े हैं। उनका दर्द हमारा दर्द है और सम्मान व सच्चाई के लिए उनकी लड़ाई हम सबकी साझा लड़ाई है।”

