आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री Aman Arora ने नगर निगम चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनावों के दौरान बीजेपी की ओर से खुलेआम गुंडागर्दी और दबाव की राजनीति की गई, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश हुई।
अमन अरोड़ा ने कहा कि बीजेपी का यह “वर्किंग मॉडल” बन चुका है कि हर चुनाव में धक्केशाही, प्रशासनिक दबाव और सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान हिंसा और दबाव के आरोप लगे थे, उसी तरह पंजाब में भी वैसा माहौल बनाने की कोशिश की गई।
उन्होंने धूरी और संगरूर की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि एक केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय पार्टी के वरिष्ठ नेता का सड़क पर उतरकर इस तरह का व्यवहार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी और पंजाब की जनता इस पूरे घटनाक्रम की कड़ी निंदा करती है।
कैबिनेट मंत्री ने केंद्रीय रेल राज्य मंत्री Ravneet Singh Bittu पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। अरोड़ा के मुताबिक, बित्तू ने पुलिस कर्मियों को “गुंडे” कहा और महिला पुलिस कर्मचारियों के साथ भी बदसलूकी की गई।
अमन अरोड़ा ने कहा कि शायद बीजेपी नेताओं को लगता है कि कानून और संविधान उनकी राजनीतिक ताकत के अधीन हैं, लेकिन पंजाब के लोग ऐसी सोच को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि रवनीत सिंह बित्तू के भाई को पुलिस वर्दी पहनाने के पीछे क्या कारण था और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अरोड़ा ने पंजाब पुलिस का बचाव करते हुए कहा कि जिन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया, वही जवान 543 किलोमीटर लंबी सीमा पर देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात ड्यूटी करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पुलिस कर्मियों का अपमान करना बेहद गलत है और इसकी हर स्तर पर निंदा होनी चाहिए।

