बिक्रम मजीठिया अपने रिकॉर्ड और कथित नशा तस्करी संबंधों पर सवालों के जवाब दें: कुलदीप सिंह धालीवाल

शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया द्वारा लगाए गए आरोपों का पलटवार करते हुए आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि बिक्रम सिंह मजीठिया को राजनीतिक कीचड़ उछालना बंद करना चाहिए और पहले अपने रिकॉर्ड तथा नशा विवाद से जुड़े कथित संबंधों के बारे में उठ रहे गंभीर सवालों का जवाब देना चाहिए।

 

एक बयान में ‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि जिस व्यक्ति पर बिक्रम सिंह मजीठिया आरोप लगा रहे हैं, उसने खुद एक वीडियो में साफ कहा है कि कोई वित्तीय लेन-देन नहीं हुआ। उसने न तो किसी को पैसे दिए हैं और न ही किसी से पैसे लिए हैं। उन्होंने कहा, “अगर आपके पास कोई सबूत है तो महज आरोप लगाने की बजाय उसे पंजाब के लोगों के सामने रखो।”

 

‘आप’ पंजाब के मुख्य प्रवक्ता ने बिक्रम सिंह मजीठिया को मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान सरकारी वाहनों के कथित इस्तेमाल के बारे में सवालों के जवाब देने के लिए कहा। उन्होंने कहा, “जब आप मंत्री थे, क्या आपकी सरकारी गाड़ियों के जरिए कथित नशे का लेन-देन होता था? पंजाब के लोगों को इस बारे में स्पष्ट जवाब दो।”

 

उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया के उन व्यक्तियों के साथ कथित संबंधों पर भी सवाल उठाए, जिनके नाम नशा तस्करी की जांच के दौरान सामने आए थे। उन्होंने कहा, “जांच में नशा तस्करी से जुड़े लोगों के नाम सामने आए हैं। क्या ऐसे कथित नशा तस्कर आपके साथ नहीं जुड़े हुए थे या आपके निवास पर नहीं ठहरते थे? अगर आप दूसरों से जवाब मांग रहे हैं, तो आपको खुद भी इन सवालों का जवाब देना होगा।”

 

दोषी नशा तस्कर जगदीश भोला का हवाला देते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, “नशा तस्करी के मामले में जेल में बंद जगदीश भोला ने सार्वजनिक तौर पर आपका नाम लिया था और आप पर गंभीर आरोप लगाए थे। क्या उसने आपका नाम लिया था या नहीं? उन आरोपों पर आपकी क्या प्रतिक्रिया थी, और आज आपका स्पष्ट जवाब क्या है?”

 

कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, “नशे की लानत ने पंजाब की जवानी को तबाह कर दिया है। जिन्होंने पंजाब की नौजवान पीढ़ी के भविष्य को बर्बाद करने में योगदान दिया, वे महज दूसरों पर उंगलियां उठाकर जवाबदेही से नहीं बच सकते। नशे से जुड़े गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हर व्यक्ति को जवाब देना होगा, चाहे उसकी पार्टी या पद कोई भी हो।”

 

उन्होंने बिक्रम सिंह मजीठिया से उनकी वित्तीय स्थिति और पंजाब के बढ़ रहे कर्ज के बारे में सवाल करते हुए कहा कि वह सार्वजनिक जीवन में आने के बाद की अपनी निजी संपत्ति और देनदारियों का पारदर्शी हिसाब-किताब दें। “जब आप सत्ता में आए थे, तब आपका निजी कर्ज और संपत्ति कितनी थी? आज वह कहां खड़ी है? और उसी अवधि के दौरान पंजाब का कर्ज कितना बढ़ा? ये जायज सवाल हैं और पंजाब के लोगों को तथ्य जानने का पूरा हक है।”

 

कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा, “पंजाब बिना सबूतों के राजनीतिक आरोप नहीं चाहता। पंजाब तथ्य, दस्तावेज और हिसाब-किताब चाहता है। अगर बिक्रम सिंह मजीठिया दूसरों से जवाब चाहते हैं, तो उन्हें पहले अपने रिकॉर्ड के बारे में उठाए जा रहे सवालों के जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए।”