भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत, AI से लेकर स्पेस तक कई क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश के विकास और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। अमेरिका, इजरायल, सिंगापुर, नेपाल, मालदीव, ऑस्ट्रेलिया और आयरलैंड समेत कई देशों ने भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य दोहराया। उनके संबोधन में युवा शक्ति, आत्मनिर्भरता, तकनीक, विनिर्माण, ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर खास जोर रहा।

तेज आर्थिक विकास पर जोर

प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में देश ने तेजी से बदलाव किया है। भारत अब दुनिया की प्रमुख तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल तकनीक और डिजिटल लेन-देन को भी भारत की बड़ी ताकत के रूप में देखा जा रहा है।

AI, सेमीकंडक्टर और स्पेस पर खास फोकस

विकसित भारत के लक्ष्य में आधुनिक तकनीक को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। AI, सेमीकंडक्टर, स्पेस, डिजिटल इनोवेशन और नई ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में भारत अपनी क्षमता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग जैसी योजनाओं का भी जिक्र किया। इसके अलावा आने वाले वर्षों में नए सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने और 2047 तक परमाणु ऊर्जा क्षमता को 100 GW तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत-इजरायल साझेदारी बनेगी अहम ताकत

भारत की तकनीकी और रणनीतिक साझेदारियों में इजरायल के साथ संबंधों को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘Special Strategic Partnership for Peace, Innovation & Prosperity’ के नए स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई थी।

इस साझेदारी के तहत AI, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, कृषि, जल प्रबंधन, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। दोनों देश AI और स्पेस सेक्टर में संयुक्त अवसरों को आगे बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रहे हैं।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विकास की पूरी दिशा को 2047 के लक्ष्य से जोड़ा जा रहा है। युवा शक्ति, आधुनिक तकनीक, विनिर्माण, कृषि, रक्षा, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को विकास के प्रमुख आधार के तौर पर सामने रखा गया है।

सरकार का लक्ष्य है कि स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगांठ तक भारत को विकसित, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से मजबूत राष्ट्र बनाया जाए। इसी दिशा में आने वाले वर्षों के लिए देश के सामने एक लंबा विकास रोडमैप रखा जा रहा है।