सीमा रेखा के भीतर रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत, ‘मेरा घर मेरे नाम’ योजना के तहत मिला मालिकाना हक

पंजाब सरकार की ‘स्वामित्व योजना’ और ‘मेरा घर मेरे नाम’ अभियान के तहत लाल रेखा (लाल लकीर) के भीतर रहने वाले परिवारों को बड़ी राहत मिली है। वर्षों से अपने घरों में रहने के बावजूद कानूनी मालिकाना हक से वंचित परिवारों को अब संपत्ति के स्वामित्व के दस्तावेज सौंपे जा रहे हैं।

इसी कड़ी में भोआ विधानसभा क्षेत्र के खोजकी चक गांव में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां पांच गांवों के 218 लाभार्थी परिवारों को उनके घरों के मालिकाना हक के रजिस्टर सौंपे गए। अपने नाम पर संपत्ति का कानूनी अधिकार मिलने से लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी।

इस मौके पर पंजाब के कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारुचक ने कहा कि यह सिर्फ दस्तावेजों का वितरण नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक कदम है, जो वर्षों से अपने घरों में रह रहे लोगों के सपनों को कानूनी पहचान देता है।

उन्होंने कहा कि कई परिवार पीढ़ियों से इन घरों में रह रहे थे, लेकिन उनके नाम पर मालिकाना हक नहीं था। अब सरकार ने उन्हें कानूनी स्वामित्व प्रदान कर इस लंबे समय से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान किया है।

कैबिनेट मंत्री ने लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की कि जब भी राजस्व विभाग की टीमें सर्वेक्षण के लिए गांवों में पहुंचें, तो उन्हें पूरा सहयोग दें। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र परिवार इस योजना के लाभ से वंचित न रहे और भविष्य में अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले।