पंजाब में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) को लेकर भारतीय चुनाव आयोग ने नया कार्यक्रम जारी किया है। आयोग ने 1 अक्टूबर 2026 को पात्रता तिथि मानते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया की समय-सीमा में बदलाव किया है। नए शेड्यूल के अनुसार, पंजाब में चल रही SIR प्रक्रिया को 11 दिन बढ़ा दिया गया है।
पहले यह प्रक्रिया 24 जुलाई 2026 तक पूरी होनी थी, लेकिन अब बीएलओ (BLO) 3 अगस्त 2026 तक घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इसके बाद 13 अगस्त 2026 को प्रारूप (ड्राफ्ट) मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद मतदाता 12 सितंबर 2026 तक नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन के लिए दावा और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 12 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसके आधार पर आगामी चुनाव कराए जाएंगे।
इससे पहले चुनाव आयोग के पुराने कार्यक्रम के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक होना था। ड्राफ्ट सूची 3 अगस्त को जारी होनी थी, जबकि दावे और आपत्तियां 3 अगस्त से 2 सितंबर तक स्वीकार की जानी थीं। अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित किए जाने का कार्यक्रम था।
अब संशोधित कार्यक्रम के तहत सत्यापन की अवधि बढ़ा दी गई है, जिससे अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं का रिकॉर्ड सही और अद्यतन किया जा सके। चुनाव आयोग का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।

