आज इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की अहम बातचीत होने जा रही है। इस बैठक को देखते हुए पूरे शहर में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और हाई अलर्ट घोषित किया गया है।
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तेहरान अमेरिका द्वारा प्रस्तावित समझौते को स्वीकार नहीं करता, तो अमेरिका ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल को हुए दो हफ्तों के युद्धविराम की अवधि 22 अप्रैल को समाप्त हो रही है। पहले दौर की बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होरमुज़ मुख्य मुद्दा रहा था। हालांकि, हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब ईरान ने इस क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों पर फायरिंग की, जबकि अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी।
ट्रंप ने कहा, “हम एक बहुत ही मजबूत प्रस्ताव दे रहे हैं। उम्मीद है कि ईरान इसे स्वीकार करेगा, लेकिन अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को नष्ट कर सकता है।”
संभावित बातचीत को देखते हुए पाकिस्तान ने विदेशी प्रतिनिधियों की सुरक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं और कूटनीतिक प्रयास भी तेज कर दिए हैं, ताकि इस बैठक के जरिए किसी अंतिम समझौते तक पहुंचा जा सके।
सूत्रों के मुताबिक, चार अमेरिकी सैन्य विमान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर उतर चुके हैं। हालांकि, इस महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति के शामिल होने की संभावना नहीं है।
यह बातचीत क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर शांति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

