60 लाख की लागत से संवरे सूलर के ऐतिहासिक घराट, वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने किया लोकार्पण

पंजाब सरकार ने राज्य की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को सूलर गांव में ऐतिहासिक घराटों (पानी से चलने वाली चक्कियों) के नवीनीकरण और नए पार्क का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने इस परियोजना पर करीब 60 लाख रुपये खर्च किए हैं।

उद्घाटन के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सूलर के ऐतिहासिक घराट लंबे समय से जर्जर अवस्था में थे। उन्होंने बताया कि संभवतः पूरे पंजाब में यह अपनी तरह के बचे हुए इकलौते ऐतिहासिक घराट हैं, जिन्हें संरक्षित करना बेहद जरूरी था। सरकार ने इनकी ऐतिहासिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से भी जोड़ा है।

उन्होंने बताया कि परियोजना के तहत घराटों और पुरानी चक्कियों की मरम्मत कर उन्हें नया स्वरूप दिया गया है। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्र का सौंदर्यीकरण किया गया है, बच्चों और ग्रामीणों के लिए आधुनिक पार्क विकसित किया गया है तथा नहरी विभाग के कर्मचारियों के लिए नए कमरे भी बनाए गए हैं।

चीमा ने कहा कि पानी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए नहर (सूआ) की कंक्रीट लाइनिंग की गई है, जिससे भविष्य में टूट-फूट की समस्या नहीं होगी और सिंचाई व्यवस्था अधिक मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि इस पूरे परिसर की देखरेख की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और स्थानीय सरपंच को नहरी विभाग के सहयोग से सौंपी गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश में नहरी पानी की उपलब्धता बढ़ने से किसानों को बड़ा लाभ मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस समय पंजाब के खेतों तक आवंटित मात्रा से करीब 10 प्रतिशत अधिक नहरी पानी पहुंचाया जा रहा है, जिससे भूजल संरक्षण में भी मदद मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पंजाब की धरती और पानी को बचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि गांवों से किसानों की खुशी भरी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और नहरी पानी के अधिक उपयोग से आने वाले समय में खेती और पर्यावरण दोनों को फायदा मिलेगा।