पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए आज का दिन एक बार फिर उस दर्दनाक याद को ताजा कर रहा है, जब महज 35 साल की उम्र में मशहूर गायक और अभिनेता राजवीर जवंधा इस दुनिया को अलविदा कह गए थे। आज उनकी पहली बरसी है। 8 अक्टूबर 2025 को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में करीब 11 दिनों तक जिंदगी के लिए जूझने के बाद उनका निधन हो गया था। अस्पताल के मुताबिक, सड़क हादसे के बाद राजवीर गंभीर हालत में इलाज के लिए भर्ती थे और बाद में मल्टीपल ऑर्गन फेल्योर के कारण उनकी मौत हो गई।
राजवीर जवंधा लुधियाना के जगराओं के पास स्थित पौणा गांव से ताल्लुक रखते थे। उनकी पहली बरसी पर परिवार ने सोशल मीडिया के जरिए एक भावुक पोस्ट शेयर कर उन्हें याद किया। परिवार ने इस दिन को अपनी जिंदगी का बेहद दुखद दिन बताते हुए राजवीर की यादों को साझा किया और कहा कि उनकी कमी हमेशा महसूस होती रहेगी।
बता दें कि 27 सितंबर 2025 को राजवीर जवंधा हिमाचल प्रदेश के बद्दी के पास एक सड़क हादसे का शिकार हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी मोटरसाइकिल अचानक सड़क पर आए आवारा पशुओं से टकरा गई थी। इस हादसे में उनके सिर और रीढ़ की हड्डी पर गंभीर चोटें आई थीं। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए मोहाली के फोर्टिस अस्पताल लाया गया था।
करीब 11 दिनों तक राजवीर का अस्पताल में इलाज चला। इस दौरान वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे और डॉक्टर लगातार उनकी हालत में सुधार लाने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और आखिरकार 8 अक्टूबर 2025 को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पंजाबी म्यूजिक और फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई थी।
राजवीर जवंधा ने अपनी दमदार आवाज और अलग अंदाज से पंजाबी म्यूजिक में खास पहचान बनाई थी। ‘तू दिस पैंदा’, ‘खुश रहा कर’, ‘सरनेम’, ‘आफरीन’, ‘लैंडलॉर्ड’, ‘डाउन टू अर्थ’ और ‘कंगनी’ जैसे उनके गानों को दर्शकों ने खूब पसंद किया। संगीत के साथ-साथ उन्होंने एक्टिंग में भी अपनी पहचान बनाई और ‘सूबेदार जोगिंदर सिंह’, ‘जिंद जान’ और ‘मिंदो तसीलदारनी’ जैसी फिल्मों में नजर आए।
आज उनकी पहली बरसी पर परिवार, दोस्त और उनके फैंस उन्हें भावुक होकर याद कर रहे हैं। राजवीर जवंधा भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज, उनके गाने और पर्दे पर निभाए किरदार आज भी उनके चाहने वालों की यादों में जिंदा हैं।

